कैसे दिमाग पे असर डालते है धार्मिक मंत्र क्या है धार्मिक मंत्रों का महत्व?

कैसे दिमाग पे असर डालते है धार्मिक मंत्र क्या है धार्मिक मंत्रों का महत्व?

 सनातन धर्म में भगवान की पूजा और मंत्रोच्चार का विशेष महत्व होता है। नियमित पूजा और मंत्रों के जप से व्यक्ति के मन-मस्तिष्क पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। दैनिक पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठानों और अध्यात्म में मंत्रों का उच्चारण का विशेष महत्व माना जाता है। 


 हिंदू धर्म की बात करें तो मंत्र साधना सभी साधनाओं से ऊपर मानी जाती है। इससे ने केवल हमारे जीवन की परेशानियां खत्म होती हैं बल्कि हमारे मन को शांति प्रदान होती है। मगर फिर भी हम में से बहुत से लोग ऐसे हैं जो मंत्र साधना नहीं करते क्योंकि उन्हें लगता है कि मंत्र का उच्चारण करना आसान नहीं होता। 

ऐसा सोचना गलत भी नहीं है परंतु बता दें धार्मिक शास्त्रों में ऐसे भी कई मंत्र है जिनका जाप करना आसान है। बल्कि जितना इन मंत्रों का जाप सरल है उतने ही ये अधिक प्रभावशाली माने गएं हैं। शास्त्रों में इन मंत्रों के जाप से जीवन की हर बाधाएं दूर होने का जिक्र किया गया है। तो आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही मंत्रों को बारे में जो आपके लिए मददगार व लाभकारी साबित हो सकते हैं। साथ ही जानेंगे मंत्र जाप के फायदे।


 श्रीरामचरितमानस मंत्र-

 मंत्र- राजिव नयन धरे धनु सायक। भगत बिपति भंजन सुखदायक।

 अर्थ- राजीव लोचन धारी जो धनुष धारण किये हैं, इनकी भक्ति सभी भक्त जनों की कठिनाइयां, विपत्तियाँ जड़ों से दूर करते हुए उन्हें असीम सुख पहुँचाती हैं, अर्थात अपार सुखदायक है।


 श्रीरामरक्षास्तोत्र मंत्र-

 मंत्र- 'रामाय रामभद्राय रामचंद्राय वेधसे। रघुनाथाय नाथाय सीताया: पतये नम:।'

 अर्थ- अर्थात राम, रामभद्र, रामचंद्र, विधात स्वरूप, रघुनाथ, प्रभु एवं सीताजीके स्वामीकी मैं वंदना करता हूं।


 महामंत्र-

 'हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे!हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे'अर्थ- 'हरे कृष्ण' में श्री राधा और श्री कृष्ण का मिलन का भाव है। कहा जाता है 'हरे कृष्ण' मंत्र में निरंतर उनकी लीलाओं का युगल प्रेम का चिंतन है। उनके क्षण क्षण के संयोग वियोग प्रेम माधुर्य का चिंतन भी है।


क्या है धार्मिक मंत्रों का महत्व


 मान्यता है कि उपरोक्त मंत्रों का ब्रह्ममुहूर्त में जाप करने से सफ़लता प्रभु श्री राम जी की कृपा से आपके क़दम चूमेगी। गोस्वामी तुलसीदास ने 'रामचरितमानस' में लिखा है कि जिस तरह बड़े जलाशय की मछलियां हमेशा सुखी रहती हैं, उसी तरह इन मंत्रों का जाप कर प्रभु की शरण में गए व्यक्त‍ि के सामने कोई भी बाधा नहीं आती है।


 इस बात का खास ध्यान रखें कि मंत्र जाप करते समय उन पर भरोसा रखें। क्योंकि कहा जाता है अगर मन में सच्ची निष्ठा न हो तो मंत्र जाप का कोई फायदा नहीं होता।

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