महाभारत से जुड़े 32 रोचक तथ्य

महाभारत से जुड़े 32 रोचक तथ्य


आज हम जानेंगे महाभारत से जुड़े 32 रोचक तथ्य

महाभारत से जुड़े 32 रोचक तथ्य

1. महाभारत के रचयिता वेदव्यास जी थे.

 2. महाभारत का वास्तविक नाम जयसंहिता था.

 3. ऐसा माना जाता है कि महाभारत के अभिमन्यु कल्याण नामक एक राक्षस की आत्मा थी। कृष्ण भगवान ने उनकी आत्मा को कैद कर द्वारिका मे एक अलमारी में रखा था.

 4. धृतराष्ट्र के पुत्रो का नाम कौरव था। और पांडु के पुत्रो का नाम पाडंव था.

 5. वेदव्यास रचित महाभारत को तीन चरणों में रखा गया था। पहले चरण में 8800 श्लोक और दूसरी चरण में 24000 श्लोक तथा तीसरी चरण में 100000 श्लोक लिखे गये.

 6. महाभारत युद्ध के दौरान कौरव सेना मे पांच सेनाध्यक्ष बनाये गये थे.

 7. यदुवंशी राजा शूरसेन की पृथा नामक कन्या व वसुदेव नामक पुत्र था। इस कन्या को राजा शूरसेन अपनी बुआ के संतानहीन लड़के कुंतीभोज को गोद दे दिया था। कुंतीभोज ने इस कन्या का नाम कुंती रखा। कुंती का विवाह राजा पाण्डु से हुआ था.

 8. जुए मे हारकर पांडव को 12 वर्ष वनवास तथा 1 वर्ष अज्ञातवास मिला था.

 9. महाभारत के सौप्तिक पर्व के अनुसार अध्याय 13 से 15 तक ब्रह्मास्त्र के परिणाम दिए गये । हमारे शास्त्रों के अनुसार 3 नवम्बर 5561 ईसा पूर्व छोडा हुआ ब्रह्मास्त्र परमाणु बम ही था.

 10. कौरव मे पहला सेनाध्यक्ष भीष्म पितामह थे.

11. भगवद् गीता महाभारत ग्रंथ का एक भाग है, जिसमे 18 अध्याय है.

 12. महाभारत के युद्ध मे पाडंव और कौरव की सेनाओ का अनुपात 7:11 का था.

 13. एकलव्य के पिता का नाम हिरण्यधनु था.

 14. गुरु द्रोणाचार्य के मागने पर एकलव्य ने दाहिने हाथ का अंगूठा काटकर दे दिया था.

 15. कुंती पुत्र कर्ण का बचपन का नाम वसुषेण था.

 16. महाभारत युद्ध के तीसरे दिन श्री कृष्ण अपनी प्रतिज्ञा तोडकर चक्र उठाकर भीष्म को मारने दौड पडे थे। 

 17. भीष्म पितामह 58 दिन तक शरशैय्या पर पडे रहे। 

 18. ब्रह्मास्त्र का प्रयोग सिर्फ दो ही योद्धा अर्जुन और अश्वत्थामा द्वारा किया गया था। 

 19. जरासंध व भीम का मल्लयुद्ध 14 दिन तक चला। 

 20. दुर्योधन के पुत्र का वध अर्जुन पुत्र अभिमन्यु ने किया था। 



 21. चक्रव्यूह मे फंसने के बाद अभिमन्यु को 6 महारथियो ने मिलकर मारा था। 

 22. श्री कृष्ण के बडे भाई बलराम जी की मृत्यु समाधि लेकर हुई थी। 

 23. महाभारत युद्ध की समाप्ति पर अर्जुन और श्रीकृष्ण के रथ से उतरते ही रथ  जल उठा और पूरी तरह भस्म हो गया था। 

 24. श्रीकृष्ण के कुल का विनाश युद्ध के 36 वर्ष बाद हुआ था। 

 25. भीम का केवल एक पुत्र जीवित रहा था जिसका नाम सर्वगा था । उसको परीक्षित से ज्यादा ज्येष्ठ होने के बावजूद सिंहासन नही सौपा गया, वो अपनी मातृभूमि काशी का शाषक बना था। 

महाभारत से जुड़े 32 रोचक तथ्य





 26. एकलव्य कृष्ण का चचेरा भाई था, वह देवाश्रवा वसुदेव के भाई का पुत्र था। जो जंगल में खो गया था,रुक्मणी स्वयंबर के दौरान पिता की रक्षा करते हुए एकलव्य की मृत्यु हो गयी थी। वह कृष्ण द्वारा मारा गया था। 

 27. कृष्ण के वैकुण्ठ जाने के बाद अर्जुन कृष्ण की पत्नियों को साधारण लुटेरो से नही बचा सके, इस दौरान उनका धनुष काफी भारी हो गया था और वो सारे मन्त्र भूल गये थे ,कृष्ण की आठ पत्नियों ने आत्महत्या कर ली और बाकि लुटेरो द्वारा अगुआ कर ली गयी थी। 

 28. महाभारत के समय एक अक्षौहिणी सेना में 21 हजार आठ सौ सत्तर रथ, 21 हजार आठ सौ सत्तर हाथी, एक लाख नौ हजार 350 पैदल सैनिक, पैंसठ हजार छह सौ दस घोड़े होते हैं। अर्थात 2 लाख 18 हजार 700 (218700) यह सभी एक अक्षौहिणी सेना में होते हैं। संपूर्ण 18 अक्षौहिणी सेना की संख्या जोड़े तो लगभग अनुमानित 1968300 सैनिकों की संख्या होती है.

 29. महाभारत के अनुसार इस युद्ध में भारत के प्रायः सभी जनपदों सहित कुछ विदेशी राज्यों ने भी भाग लिया था। माना जाता है कि महाभारत युद्ध में एकमात्र जीवित बचा कौरव युयुत्सु था और 24,165 कौरव सैनिक लापता हो गए थे जबकि महाभारत के युद्ध के पश्चात कौरवों की तरफ से 3 और पांडवों की तरफ से 15 यानी कुल 18 योद्धा ही जीवित बचे थे.

 30. महाभारत के युद्ध में 39 लाख 40 हजार योद्धा मारे गए।

31.महाभारत में विदुर यमराज के अवतार थे। ये धर्म शास्त्र और अर्थशास्त्र के महान ज्ञाता थे। ऋषि मंदव्य के श्राप की वजह से उन्हें मनुष्य योनी में जन्म लेना पड़ा था।

32.कुंती ने अपने बचपन में ऋषि दुर्वासा की सेवा की थी। वे कुंती की सेवा से प्रसन्न हुए और उसे एक चमत्कारी मंत्र बताया, इस मंत्र के माध्यम से कुंती किसी भी भगवान से बच्चा मांग सकती थी। इसलिए, विवाह के पहले कुंती ने सूर्य देव से शिशु की मांग की और कर्ण का जन्म हुआ। 

33. वेदव्यास नाम नहीं है बल्कि एक पद है जिसे वेदों की जानकारी रखने वाले व्यक्तियों को दिया जाता है। कृष्णद्विपायन से पहले 27 वेदव्यास थे और कृष्णद्विपायन 28वें वेदव्यास हुए , भगवान कृष्ण के रंग जैसे श्याम वर्ण और द्वीप पर जन्म लेने की वजह से उन्हें यह नाम दिया गया था।

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