Shiv Parvati Ki Kahani

Shiv Parvati Ki Kahani

Shiv parvati ki kahani


आज हम जानेंगे Shiv Parvati Ki Kahani के बारे मे । जैसा की माना जाता है माँ सती ही पार्वती थी वही माँ दुर्गा, शैलपुत्री, चामुंडा, अम्बिका के नाम से जानी जाती है। 

वही भगवान शिव को भी कई नामों से जाना जाता है जैसे देवों के देव महादेव, शंकर, स्वयंभू, भोलेनाथ और भी कई नामो से जाना जाता है। 



माँ Parvati और Shiv का अटूट प्रेम

माँ Parvati भगवान Shiv जी से विवाह करना चाहती थी इसके लिए उन्होंने घोर तप्सया की। सभी देवता गण भी चाहते थे कि भगवान Shiv माँ Parvati ki मनोकामना पूरी करे। भगवान जी देवताओ की बात मान गए। 

(आप पढ़ रहे है Shiv Parvati Ki Kahani) 


पर भगवान Shiv ने पहले माँ Parvati की परीक्षा लेनी चाही। भगवान Shiv ने माँ Parvati के पास स्प्तऋषियों को भेजा उन्होंने भगवान Shiv की बहुत बुराई की  पर माँ Parvati अपने इरादे से बिल्कुल पीछे नही हटी। सप्तऋषि वापिस लौट आए। फिर भगवान Shiv स्वयं माता Parvati की परीक्षा लेने आ पहुँचे। 


पहले भगवान Shiv माँ Parvati के सामने प्रकट हुए और माँ Parvati को वरदान दिया। माँ Parvati के पास में एक तालाब था जहाँ एक बच्चे के चिल्लाने की आवाज़ आ रही थी। माँ Parvati ने देखा कि बच्चे को तालाब के पास एक मगरमछ  निगल रहा था माँ Parvati ने मगरमछ से प्रार्थना की कि वह बच्चे को छोड़ दे। माँ Parvati के लाख मना करते रहने पर भी वो नही माना। 


वह कहने लगा अगर तुम भगवान Shiv का दिया हुआ वरदान मुझे दे दो तो मै इस बालक को छोड़ दूंगा। (आप पढ़ रहे है Shiv Parvati Ki Kahani) 

 माँ Parvati वरदान देने को राजी हो गयी मगरमछ ने बच्चे को छोड़ दिया वो बोला देवी तुम्हारी मेहनत बेकार जाएगी सोच लो। परंतु माता ने उसे अपना वरदान दे दिया 


वह बोला एक बच्चे के पीछे तुमने अपनी सारी मेहनत खराब कर दी। Shiv Parvati Ki Kahani में आपको जानने को मिलेगी Shiv Parvati Ki पूरी Kahani



इसके बाद माँ Parvati ने magar मगरमच्छ से कहा कि मैं फिर से तपस्या कर के वरदान प्राप्त कर लूंगी पर इस बच्चे का जीवन दोबारा नही मिलता। कुछ ही देर बाद वो बच्चा गायब हो गया। माँ Parvati फिर तपस्या करने बैठ गयी। 


तभी पीछे से आवाज़ आई किस बात की तपस्या? माँ Parvati ने पीछे मुड़ के देखा तो वहाँ भगवान Shiv खड़े थे। माँ Parvati बोली मैंने अपना वरदान दान दे दिया है अब आपको फिर से पति रूप में पाने के लिए मै तपस्या करूँगी। 

(Shiv Parvati Ki Kahani में  आप पढ़ रहे है भगवान Shiv और Parvati Ki Kahani) 


भगवान Shiv बोले  मगरमच्छ मैं ही था और वो बच्चा भी मैं ही था। सभी शरीरों में मैं ही वास करता हूँ। ये सब मेरी ही लीलाओँ का परिणाम है। तुमने वो वर मुझे ही दिया अब तपस्या करने की कोई जरूरत नही है। ये देख माँ Parvati ने Shiv जी को प्रणाम किया और उनके दर्शन पाए। तो यह थी भगवान Shiv Or Parvati Ki Kahani


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इस Article मे हम ने जाना भगवान Shiv Parvati Ki Kahani के बारे मे। ऐसी ही और कहानियाँ जानने के लिए हमारी site से जुड़े रहे। 

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