शिव जी ने क्यों लिया रौद्र वीरभद्र रूप

शिव जी ने क्यों लिया रौद्र वीरभद्र रूप

एक बार दक्ष ने यज्ञ का आयोजन कराया परंतु भगवान शिव को निमंत्रण नहीं दिया। जब माता सती को यह बात पता चली तो वह भगवान शिव से यज्ञ में चलने की जिद पकड़ कर बैठी है। परंतु भगवान शिव ने बिना निमंत्रण जाना उचित नहीं समझा। फिर माता सती अकेले ही चली गयी।

वहां उन्हें अपने पति का अपमान सहन नहीं हुआ और उन्होंने अग्नि में कूदकर देह त्याग दिया। जब भगवान शिव को यह पता चला तो उन्होंने क्रोध में अपने सिर से एक जटा उखाड़कर पर्वत पर पटक दी। उससे महा भयंकर वीरभद्र प्रकट हुए।

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