महाभारत में अर्जुन की कठोर प्रतिज्ञा

महाभारत में अर्जुन की कठोर प्रतिज्ञा

महाभारत का बहुत भयंकर युद्ध चला हुआ था। चारों तरफ हलचल थी। एक बार अर्जुन की अनुपस्थिति में पांडवों को मुश्किल में डालने के लिए कौरवों ने चक्रव्यूह बनाया। जिस को सिर्फ अर्जुन भेज सकते थे, परंतु वह वहाँ नही  थे। अर्जुन के पुत्र अभिमन्यु चक्रव्यूह में गए और उसके छह चरण भेद दिए। लेकिन सातवें चरण में उसे दुर्योधन जयद्रथ आदि सात महारथियो ने मिलकर घेर लिया। 
और उस को तड़पा तड़पा कर मार दिया। चारों पांडव कुछ ना कर पाए। अभिमन्यु की मृत्यु होने पर जब अर्जुन ने यह बात सुनी तो उन्होंने प्रण लिया कि वह जयद्रथ का वध कर देंगे और वह ऐसा ना कर पाए तो वह स्वयं आत्मदाह कर लेंगे।  जयद्रथ ने जब यह सुना तो वह डर गया, परंतु कौरवों की खुशी का ठिकाना ना रहा।