क्यों गणेश जी को तोड़ना पड़ा कुबेर का घमंड

क्यों गणेश जी को तोड़ना पड़ा कुबेर का घमंड

कुबेर बहुत ज्यादा धनी थे जो कि उनका सर घमंड से ऊंचा कर देता था, लेकिन उन्होंने सोचा क्यों ना अपने धन के बारे में सबको बताया जाए। उन्होंने सभी लोको के देवताओं को भोजन का निमंत्रण दे दिया। भगवान शिव उनके इष्ट देवता है। उनका आशीर्वाद  जरूरी था। उन्होंने भगवान शिव को परिवार सहित भोजन का निमंत्रण दिया। भगवान शिव सब पहले से ही जानते थे। उन्होंने कहा, मैं कहीं बाहर नहीं जाता। तुम मेरे पुत्र गणेश को निमंत्रण दो उन्होंने ऐसा ही किया। कुछ दिनों बाद कुबेर ने भोजन का प्रबंध किया। 
सभी देवता वहां पहुंच गये और गणेश भगवान भी वहाँ पहुँच गए जैसे ही भोजन दिया गया, वह सभी खाद्य पदार्थ मिनटों में ही नष्ट कर देते। देखते ही देखते सारा भोजन समाप्त हो गया। 
वो वहाँ रखा सारा कच्चा भोजन भी खा गए। अंत में सब कुछ खत्म हो गया तो कुबेर का घमंड एकदम से चूर चूर हो गया।

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