क्यों मिला हनुमान जी को श्राप

क्यों मिला हनुमान जी को श्राप

 हनुमान जैसा ना कोई बलशाली था ना कभी कोई होगा वो अपार बलशाली थे। महावीर हनुमान को भगवान शिव का 11वां रूद्र अवतार कहा जाता है। और वे प्रभु श्री राम के अनन्य भक्त हैं। हनुमान जी ने वानर जाति में जन्म लिया। उनकी माता का नाम  अंजनी और उनके पिता वानरराज केशरी हैं। इसी कारण इन्हें अंजनी पुत्र और केसरीनंदन आदि नामों से पुकारा जाता है। वहीं दूसरी मान्यता के अनुसार हनुमान जी  को पवन पुत्र भी कहा जाता है। 
 बचपन से ही वह बहुत नटखट थे। वह दिनभर शरारती करते वह साधु संतों को भी बहुत ज्यादा सताते थे। इससे साधु बहुत दुखी होते थे। हनुमान का यह रोज का काम हो गया था। फिर एक साधु ने उन्हें श्राप दिया कि आप अपनी शक्तियों भूल जाओगे। आप इन्हें तब तक नहीं पाप आओगे जब तक आपको कोई इनकी याद ना दिला दें।
क्यों मिला हनुमान जी को श्राप

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