भगवान शिव को क्यों पीना पड़ा था विष?

भगवान शिव को क्यों पीना पड़ा था विष?

                            ओं नम: शिवाय
हम सभी ने समुद्र मंथन की कथा के बारे में सुना ही है। समुद्र से अमृत प्रकट हुआ था जिसे पीने के लिए देवता और राक्षसों में घोर युद्ध हो गया था। यह घटना इंद्र और ऋषि दुर्वासा से जुड़ी हुई है। एक बार ऋषि दुर्वासा कैलाश पर्वत भगवान शिव के दर्शन करने जा रहे थे। उन्हें थोड़ी ही दूर देवराज इंद्र मिले इंद्र ने उन्हें प्रणाम किया। दुर्वासा ऋषि ने प्रसन्न होकर विष्णु भगवान का परिजात पुष्प इंद्र को दिया।
इंद्र ने उस पुष्प को नहीं स्वीकारा और अपने हाथी एरावत के मस्तक पर रख दिया। जब ऋषि दुर्वासा ने यह सब देखा तो वह क्रोध से भर गए। इसके बाद इंद्र को अपने राज्य से हाथ धोना पड़ा।