क्यों माना गया है गंगा जल को सबसे पवित्र?

क्यों माना गया है गंगा जल को सबसे पवित्र?


 कथा के अनुसार गंगा का जन्म भगवान विष्णु के पैर के पसीने की बूंदों से हुआ था। वहीं दूसरी मान्यता के अनुसार गंगा भगवान ब्रह्म के कमंडल से हुआ, गंगा सप्तमी के दिन ब्रह्मलोक में रास करते हुए राधा-कृष्ण इतने लीन हो गए कि दोनों मिलकर जल बन गए। उसी जल को ब्रह्मा ने अपने कमंडल में जगह दी। लेकिन सबसे प्रचलित कथा के अनुसार भगीरथ ने पृथ्वी पर कपिल मुनि के श्राप से ग्रसित राजा सगर के 60,000 पुत्रों की अस्थियों के उद्धार और समस्त प्रणियों के जीवन की रक्षा के लिए घोर तपस्या करके मां गंगा को धरती पर लेकर आए। 

कहते हैं कि स्वर्ग लोक में बह रही मां गंगा पृथ्वी पर आने के लिए तैयार हुईं तो धरती कांप उठी। उस समय राजा भगीरथ ने  भगवान शिव से प्रार्थना कर मां गंगा के वेग को कम करने का आग्रह किया, तब गंगा सप्तमी के दिन ही गंगा शिव जी की जटाओं में समा गई। इसके बाद कैलाश से बहते हुए फिर धराधाम पर आई। इसलिए कहते हैं कि इस दिन गंगा पूजन करने  को सबसे पवित्र नदी कहा जाता है।  विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में गंगा जल का उपयोग भी किया जाता है। आखिर क्या कारण है कि गंगा जल को इतना पवित्र माना गया है। इसके पीछे सिर्फ धार्मिक कारण ही नही बल्कि कई वैज्ञानिक कारण भी है। आज हम आपको गंगा जल से जुड़ी कुछ खास बातें बता रहे हैं और ये भी बता रहे हैं कि गंगा जल को क्यों इतना पवित्र माना गया है। 
1) विभिन्न शोधों से पता चला है कि गंगा के पानी में बैक्टीरिया को मारने का अद्भुत गुण है। लखनऊ के नेशनल बोटैनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट के अनुसार गंगा जल में बीमारी पैदा करने वाले ई कोलाई बैक्टीरिया को मारने की क्षमता है।
2) वैज्ञानिकों का मानना है कि गंगा के पानी में बैक्टीरिया को खाने वाले बैक्टीरियोफैज वायरस होते हैं। ये वायरस बैक्टीरिया की तादाद बढ़ते ही सक्रिय होते हैं और उन्हें पूरी तरह नष्ट कर देते है। 
3)वैज्ञानिकों को कहना है कि गंगा का पानी जब हिमालय से आता है तो कई तरह की मिट्टी, खनिज और जड़ी- बूटियों का असर इस पर होता है। इसी वजह से गंगा का पानी लंबे समय तक खराब नहीं होता और इसके औषधीय गुण बने रहते हैं।
4)वैज्ञानिकों ने अपने शोध में ये भी पाया कि गंगा जल में वातावरण से ऑक्सीजन सोखने की अद्भुत क्षमता है।
5) गंगा के पानी में प्रचूर मात्रा में गंधक भी होता है, इसलिए यह लंबे समय तक खराब नहीं होता और इसमें कीड़े नहीं पैदा होते।

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