क्यों किया जाता है होलिका दहन?

क्यों किया जाता है होलिका दहन?

फाल्गुन मास कि पूर्णिमा के दिन होली मनाई जाती है उस से एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है।आईए देखते है होलिका दहन की कहानी एक समय की बात है कि एक छोटा सा लड़का था जिसका नाम प्रहलाद था। वह भगवान में बहुत आस्था और विश्वास  रखता था और भगवान विष्णु का बहुत बड़ा भक्त था। वो हर वक्त उनकी पूजा में लगा रहता था।उसके पिता एक राजा थे। उनका नाम हिरण्यकश्यप था और वे बहुत बड़े नास्तिक थे। वे भगवान को बिल्कुल भी नही मानते थे। उसके पिता बहुत घमंडी थे। वे खुद से बढ़कर किसी को भी नहीं मानते थे। वो चाहते थे कि उनका बेटा भी उनका गुणगान गाए।जब उन्हें यह बात पता चली कि उनका बेटा प्रहलाद  विष्णु भगवान की बहुत पूजा करता है, तो उन्हें यह बात बिलकुल पसंद नहीं आई। उन्होंने प्रहलाद को बहुत बार समझाया कि वह विष्णु की पूजा करना छोड़ दे लेकिन प्रहलाद नहीं माना, क्योंकि उसके तो तन-मन व रोम-रोम में विष्णुजी बसे थे। और वो सिर्फ उनकी भक्ति में लगे रहते थे।