क्यों कहा जाता है भगवान गणेश को एकदंत?

क्यों कहा जाता है भगवान गणेश को एकदंत?

भगवान गणेश को विघनहर्ता भी कहा जाता है। सर्वप्रथम उनकी पूजा का ही विधान है। भगवान गणेश को अन्य कई नामों से भी जाना जाता है जैसे गजानन, गौरी पुत्र, गणपति, और एकदंत। 
आज हम जानेंगे उन्हे एकदंत क्यों कहा जाता है वैसे तो इस पर भी बहुत सी कहानियाँ प्रचलित है। 
ग्रंथो के अनुसार एक कहानी ये भी है कि भगवान शिव माता पार्वती को कथा सुना रहे थे और उन्होंने भगवान गणेश से कहा था कि वो किसी को भी अंदर ना आने दे। 
तभी परशुराम भगवान शिव के दर्शन करने आए परंतु भगवान गणेश ने उन्हे अंदर आने से मना कर दिया। और बाहर इंतजार करने को कहा। बहुत देर बाद भी जब उन्हे दर्शन नही हुए तो परशुराम क्रोधित हो गए। 
और उन्होंने गणेश को युद्ध के लिए ललकारा दोनो के बीच काफी देर तक युद्ध हुआ। भगवान गणेश परशुराम के हर वार को विफल करते गए अब परशुराम ने उन पर भगवान के दिये हुए परशु से ही प्रहार किया भगवान गणेश ने सोचा इस प्रहार को तो में विफल नही जाने दे सकता। 
इसलिए उन्होंने अपने दांत पर उस प्रहार को ले लिया और उनका एक दांत टूट गया। तभी भगवान शिव भी वहाँ आए और परशुराम को बताया कि ये मेरा ही पुत्र है तभी परशुराम ने उन्हे वरदान भी दिया कि भगवान गणेश को एकदंत नाम से भी जाना जाएगा।