भगवान शिव को क्यों मिला था श्राप?

भगवान शिव को क्यों मिला था श्राप?

एक बार शिव जी ने भगवान गणेश का सर काट दिया था क्योंक भगवान गणेश ने उनकी आज्ञा का ऊलघंन किया था जिसे भगवान शिव क्रोधित हो गए।परंतु ये पूरी घटना एक श्राप के कारण हुई थी।आइए जानते है इस पूरी कथा के बारे में।
माता पार्वती ने अपनी रक्षा के लिए एक गण का निर्माण किया था। जिनका नाम भगवान गणेश रखा गया वो पार्वती माता की हर बात मानते थे एक बार वो नहाने चली गयी और गणेश को कहा कि वो किसी को भी अंदर आने की इजाज़त ना दे। थोड़े ही समय पर भगवान शिव वहाँ आए परंतु गणेश जी ने उन्हे अंदर नही आने दिया जिससे वो क्रोधित हो गए और उनका सर काट दिया। 

शिव जी को श्राप की कहानी
एक समय में माली और सुमाली दो राक्षस थे जो शिव को समर्पित थे। सूर्य देव उन राक्षसों को उनके पापों के लिए मारने वाले थे। राक्षसों ने शिव से प्रार्थना की और शिव ने उनकी रक्षा के लिए हस्तक्षेप किया।

उन्होंने सूर्य को अपने त्रिशूल से मार दिया और इससे सारी दुनिया अंधेरे में डूब गयी। त्रिशूल की चोट से सूर्य की चेतना नष्ट हो गई और वह तुरंत रथ से नीचे गिर पड़े। जब कश्यपजी ने देखा कि उनका पुत्र मरणासन्न अवस्था में हैं, तो वे उसे छाती से लगाकर फूट-फूटकर विलाप करने लगे।

सारे देवताओं में हाहाकार मच गया। सभी भयभीत होकर रोने लगे। तब ब्रह्मा के पौत्र तपस्वी कश्यप जी ने शिवजी को शाप दिया, वे बोले जैसा आज तुम्हारे प्रहार के कारण मेरे पुत्र का हाल हो रहा है। ठीक वैसे ही तुम्हारे पुत्र पर भी होगा।

तुम स्वयं अपने ही पुत्र का मस्तक काट दोगे। इसी श्राप के कारण ऐसे संयोग बने कि महादेव को गणेश जी का सर काटना पड़ा।

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