जरूर जाने हनुमान चालीसा के इस अदभुत चमत्कार के बारे में

जरूर जाने हनुमान चालीसा के इस अदभुत चमत्कार के बारे में

हनुमान चालीसा।
  हम सभी हनुमान चालीसा के महत्व को अच्छे से जानते है।पूरी दुनिया में हनुमान चालीसा सर्वाधिक गान किए जाना वाला पाठ एवं स्तोत्र है। आज हनुमान चालिसा को भारत में ही नही विदेशो में भी गाया और सुना जाता है। यह हनुमान जी कृपा पाने का श्रेष्ठ साधन भी है। यदि आप हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं तो आपने भी जीवन में इसके सकारात्मक प्रभाव को महसूस किया होगा। हनुमान जी को संकटमोचक कहा गया है। इसलिए हनुमान चालीसा का पाठ करने से जीवन के सभी संकट तो मिटते ही हैं, साथ ही अन्य कई लाभ भी होते हैं। 
-हनुमान चालीसा पढ़ने से सबसे ज्यादा फायदा होता है आत्मविश्वास का। हनुमान चालीसा का पाठ करने से आपका आत्मविश्वास निरंतर बढ़ता जाता है। आपकी इच्छाशक्ति मजबूत होती जाती है। ऐसे में जिनका आत्मविश्वास कमजोर और इच्छाशक्ति की कमी है उन्हें हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करना चाहिए। 
-अगर आपको बहुत अधिक डर लगता है। आपमें सााहस की कमी है और छोटी-छोटी बातों से घबरा जाते हैं तो आपको हनुमान चालीसा का पाठ से फायदा होगा। आप नियमित रूप से हनुमान चालीस का पाठ करें। इससे आपके व्यक्तित्व में बदलाव आने लग जाएंगे। 
हनुमान चालीसा का चमत्कार। 
बात उस समय की है जब अकबर का भारत पर राज हुआ करता था।  सुबह का समय था एक महिला का पति मर गया था वो रास्ते में जाते हुए तुलसीदास से भी आशीर्वाद लेने लगी। उस महिला ने उनके पैर छुए और उन्होंने उसे सोभाग्यशाली होने का आशीर्वाद दिया। परंतु महिला बोली मेरे पति तो अभी अभी मर चुके है तुलसीदास बोले मेरा आशीर्वाद व्यर्थ नही जा सकता और  वो उसके पति के पास पहुँचे और सभी को राम राम जपने को कहा और खुद भी राम नाम जपने लगे। थोड़ी देर में उसका पति जिंदा हो गया। ये बात पूरे राज्य में फैल गयी और अकबर के कानों तक भी जा पहुँची। अकबर ने उनकी परीक्षा लेनी चाही और उन्हें चमत्कार दिखाने को कहा। इस पर तुलसीदास बोले में राम का भक्त हूँ कोई नही चमत्कारी बाबा नही। इतना सुनते ही अकबर ने उन्हें बंदी बना लिया। तुलसीदास जी ने कुछ नही कहा और राम नाम जपते हुए कारागार में चले गए।  उन्होंने वहाँ भी भगवान पर श्रधा बनाई रखी और वहाँ रहकर हनुमान चालीसा की रचना की और निरंतर हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। 
और चालीस दिन के बाद एक चमत्कार हुआ। हज़ारो बंदरो ने एक साथ अकबर के राज्य पर हमला बोल दिया।  अकबर के सभी लोग डर गए। अकबर इसका कारण समझ गया और उसी क्षण उसने तुलसीदास से क्षमा मांगी और कारागार से मुक्त कर दिया और उसी दिन से वो दोनो मित्र भी बन गए। 
इस तरह हम देख सकते है कि हनुमान चालीसा का नियमित पाठ हम हर तरह की मुसीबत से बच सकते है। 

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