वैज्ञानिक भी मानते है सूर्य को अर्घ्य देने के महत्व।

वैज्ञानिक भी मानते है सूर्य को अर्घ्य देने के महत्व।

रविवार को भगवान सूर्य का दिन कहा जाता है। इस दिन भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर विधि- विधान से पूजा की जाती है । परंतु हमे हर दिन सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए। इसके सिर्फ धार्मिक कारण ही नही है बल्कि वैज्ञानिक कारण भी है आज  हम देखेंगे ऐसे ही कुछ तथ्यों के बारे में। 
ज्योतिषो के अनुसार सूर्य अर्घ्य का महत्व। 
 रोजाना सूर्यदेव को जल अर्पित करने से कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत बनी रहती है।
ज्योतिषों के अनुसार, कुंडली में अगर शनि दोष है तो रोजाना जल चढ़ाने से उसका प्रभाव कम हो जाता है।इसके अलावा चंद्रमा में भी जल का तत्व होता है, जब हम सूर्य को अर्घ्य देते है तो सूर्य ही नहीं चंद्रमा से बनने वाले योग भी कुंडली में विशेष रूप से सक्रिय होते हैं।
 
वैज्ञानिक महत्व
सूर्य को जल चढ़ाते समय हर एक बूंद माध्यम की तरह काम करती हैं जो वातावरण में मौजूद सभी विषाणु पदार्थों को दूर करने का काम करती है. हर रोज सूर्य को अर्घ्य देने से हमारी हड्डियां मजबूत होती है. सूर्य की किरणे हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होती हैं। इसलिए सुबह सूर्य को जल चढ़ाने से उसकी किरणें पूरे शरीर पर पड़ती हैं। इससे हार्ट, त्वचा, आंखे, लिवर और दिमाग जैसे सभी अंग सक्रिय हो जाते हैं। सूर्य को जल चढ़ाने से मन में अच्छे विचार आते हैं, जिससे प्रसन्नता का अनुभव होता है। सूर्य को जल चढ़ाते समय पानी की धारा के बीच उगते सूरज को देखते हैं तो हमारे आंखो की रोशनी तेज होती है। सूर्य की किरणों में विटामिन डी जैसे कई गुण भी मौजूद होते हैं, जो हमारे लिए फायदेमंद होती है
अर्घ्य देने का तरीका
अर्घ्य देते समय सूर्य मंत्र ‘ओम सूर्याय नमः’ का 11 बार जप करना चाहिए, इसके बाद सूरज की ओर मुंह करते हुए 3 बार परिक्रमा करनी चाहिए। सूर्य को अर्घ्य देने के लिए केवल तांबे के बर्तन या ग्लास का ही इस्तेमाल करना चाहिए। 
इसलिए सूर्य को रोज अर्घ्य जरूर दे और एक स्वस्थ जीवन पाए। 
पूरे संसार को रोशनी देकर जगमग कर जाता
जीवन जीने की सही सीख सबको सिखाता। 
और ये हम हिंदुओ का एक तरीका भी है सूर्य को धन्यवाद कहने का उन्हें जल समर्पित कर के हम मानसिक और शरीरिक तौर पर तो स्वस्थ रहते ही है और उन्हे धन्यवाद भी देते है रोशनी देने के लिए और संसार की कई अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए। 


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