भगवान शिव का जन्म कैसे हुआ

भगवान शिव का जन्म कैसे हुआ

     भगवान शिव का जन्म कैसे हुआ

भगवान शिव को स्वयं भू कहा जाता है स्वयं भू का अर्थ होता है जिसका कभी जन्म ना हुआ हो जो स्वयं जन्मा हो। इसीलिए हम भगवान शिव को शंभु नाम से भी जानते है। शिव पुराण के अनुसार भगवान शिव का जन्म नही हुआ था वे अजन्मे थे वो हमेशा थे और हमेशा रहेंगे। शिव जी के जन्म पर बहुत सी कहानियाँ प्रचलित है। विष्णु पुराण के अनुसार भगवान विष्णु के माथे से निकलने वाली रोशनी से शिव की उत्पत्ति हुई थी जिस कारण वो सदा योग मुद्रा में रहते है। एक बार की बात है ब्रह्मा जी और भगवान विष्णु आपस में झगड़ रहे थे वो दोनो एक दूसरे से बहस कर रहे थे कि उनमे से कौन बड़ा है तभी वहाँ भगवान शंकर शिव लिंग रूप में प्रकट हुए और एक आकाश वाणी हुई जो भी इस शिव लिंग का अंत या आरंभ ढूंढेगा वही बड़ा है ब्रह्मा और विष्णु दोनो ही प्रारम्भ ढूंढने निकल पड़े बहुत प्रयास करने पर भी वो अंत और प्रारम्भ नही ढूंढ पाए और ब्रह्मा जी ने झूठ बोल दिया कि मैने इसका अंत ढूंढ लिया है और भगवान विष्णु ने हार मान ली तभी भगवान शिव ने कहा मेरा कोई रूप नही है ना ही कोई आकार। मेरी कोई शुरूआत नही है ना ही कोई अंत इस तरह भगवान शिव ने ब्रह्मा को श्राप दिया और ब्रह्मा और विष्णु को पता चला कि इस पुरे ब्रह्मांड को एक हम से भी शक्तिशाली शक्ति चला रही है जो कि स्वयं शिव है। ऐसी ही कई और कहानियाँ भी प्रचलित है जिन्हे हम बाद में देखेंगे। असल में ब्रह्मा विष्णु और शिव तीनो एक ही है दुनिया को सही राह दिखाने के लिए वो अलग अलग लीलाएं रचते रहते है। ये तीनो जब दुनिया थी तब भी थे और जब सब समाप्त हो जाएगा तब भी रहेंगे।
जय शिव शंकर।




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