रामायण के 9 ऐसे तथ्य जिनके बारे में कोई नही जानता

रामायण के 9 ऐसे तथ्य जिनके बारे में कोई नही जानता

1)राम और उनके भाइयों की एक बहन भी थी जिसका नाम शांता था। वह सब भाइयों में सबसे बड़ी थी। उनकी माता कौशल्या थी। एक बार अंग देश के राजा रोमपद  और उनकी पत्नी वर्षणी देवी( जो कि कौशल्या की बहन भी है) अयोध्या आए थे। उनकी कोई संतान नहीं थी तो राजा दशरथ ने उन्हें कहा, मैं आपको अपनी बेटी शांता संतान के रूप में दूँगा। 
2)ब्रम्हा जी ने रावण को पहले ही सूचित कर दिया था कि दशरथ और कौशल्या का होने वाला पुत्र उसकी मृत्यु का कारण होगा ।अपनी मृत्युको टालने के लिए रावण ने कौशल्या का अपहरण कर लिया था और उसे एक डिब्बे में बंद करके  सुमुद्र से घिरे द्वीप पर छोड़ दिया था । 
 3) नारद मुनि ने जाकर रावण की यह हरकत राजा दशरथ को सूचित कर दी।महाराज दशरथ का युद्ध रावण के साथ हुआ। जिसमे राजा दशरथ के सभी सैनिक मारे गये । राजा दशरथ एक लकड़ी के लट्ठे के सहारे उस द्वीप तक जैसे तैसे पहुंचे। जहाँ पर नारद मुनि व अन्य ऋषियों ने उनका विवाह संपन्न करवाया था।
4) जब राम अवतार का प्रयोजन सिद्ध हो गया था तब राम जी को किसी साधारण मनुष्य की तरह ही अपना शरीर त्यागना था  लेकिन उनके परम भक्त हनुमान के होते यमराज के लिए राम जी तक पहुंचना संभव नहीं था इसलिए राम जी ने जमीन में पड़ी एक दरार से अपनी अंगूठी गिरा दी और हनुमान जी को उसे लाने को कहा हनुमान जी उसे खोजते-खोजते नाग लोक तक पहुँच गए और वहां के राजा से राम जी की अंगूठी के बारे में पूछा  तब राजा ने बताया कि राम जी ने ऐसा उनका ध्यान भटकाने के लिए किया है ताकि यमराज राम जी को ले जा सकें। 


5) वनवास के दौरान लक्ष्मण जी कभी नहीं सोए। वे चाहते थे कि वह दिन रात अपने भाई और भाभी की रक्षा कर सकें तो उन्होंने में इंदिरा देवी से वरदान मांगा था कि वह उन्हें बनवास के दौरान कभी ना सोने का वरदान दे। परंतु निंद्रा देवी ने कहा, ऐसा कभी हो सकता है। अगर कोई तुम्हारे बदले की नींद ले ले। निंद्रा देवी लक्ष्मण की पत्नी उर्मिला के पास पहुंची और उर्मिला ने यह स्वीकार कर लिया और वह 14 वर्षों तक सोती रही।
6) लंका पर चढ़ाई करने से पहले श्रीराम ने रामेश्वरम में शिव लिंग बना कर शिव अराधना की थी । आज भी रामेश्वरम हिन्दुओं के सबसे प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है।
7) सीता जी के स्वयंवर में राम जी ने शिव जी के जिस धनुष को तोड़ा था उसका नाम पिनाक था। 8)माना जाता है कि गिलहरी पर जो तीन धारियां हैं वह भगवान राम के आर्शीवाद के कारण हैं. दरअसल, जब लंका पर आक्रमण करने के लिए रामसेतु बनाया जा रहा था। तब एक गिलहरी ने भी उनकी मदद की थी। उसके समर्पण भाव को देखकर श्रीराम ने प्रेम से उसकी पीठ पर अपनी उँगलियाँ फेरी थीं और तभी से गिलहरी पर ये धारियां मौजूद है।
9) रावण की बहन सुपर्णखा ने खुद रावण को श्राप दिया था कि उसका सर्वनाश हो जाए | सुपर्णखा का पति राक्षस राजा कालकेय का सेनापति था| जिसका वध रावण ने अपने विश्व विजय अभियान के दौरान किया था। 

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